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गरल-पीयूष एक सागर से हिंदी कविता निकट बच्चे होते हैं ईश्वर के उपमान करें शुभ कर्म सद्बुद्धि और सद्वृत्ति दे दो कोलोस्ट्रम हृदय शिशु परियों संग प्रियतमा सुख-दुख में समभाव सद्व्यवहार सुरभित सदृश प्रतिरक्षण तंत्र बच्चों का प्रभु पर श्रद्धा विचित्र सृष्टि कोविड की अगली लहर कंठ क्रीड़ा

Hindi पीयूष सदृश Poems